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पर्यटन

हरियाणा में स्थित हिसार एक ख़ूबसूरत स्थान है और हिसार पर्यटन का आकर्षक स्‍थल है। पर्यटक यहाँ पर कई ख़ूबसूरत स्थलों की सैर कर सकते हैं। यहाँ पर सम्राट अशोक के काल का एक स्तम्भ, कुषाण वंश के सिक्के व अन्य अवशेष भी मिले हैं। कुल मिलाकर हिसार बहुत ख़ूबसूरत है और पर्यटक यहाँ पर अनेक ख़ूबसूरत स्‍थान देख सकते हैं। पर्यटक स्थलों की सैर के बाद यहाँ पर अनेक ऐतिहासिक इमारतों की यात्रा की जा सकती है।

ऐसी मान्यता है कि अग्रोहा किसी समय महाराजा अग्रसेन के राज्य की राजधानी था। यह नगर अत्यंत सुसमृद्ध और सम्पन्न था, लेकिन कालान्तर में यह विदेशी आक्रमणों से नष्ट हो गया, परन्तु आज अग्रोहा धाम एक धार्मिक एवं दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित हो चुका है। इसकी देखरेख एवं विकास अग्रोहा ट्रस्ट द्वारा की जाती है। अग्रोहा धाम में महाराजा अग्रसेन, कुलदेवी महालक्ष्मी, शक्ति शीला माता मंदिर, मां वैष्णो देवी मंदिर, वीणा वंदिनी सरस्वती मंदिर, हनुमान मंदिर, 90 फुट ऊंची भगवान मारूति की प्रतिमा, महाराजा अग्रसेन का प्राचीन मंदिर, भैरो बाबा का मंदिर, बाबा अमरनाथ की गुफा, हिमानी शिवलिंग, तिरूपति की भव्य मूर्ति एवं शक्ति सरोवर इत्यादि धार्मिक दर्शनीय स्थल हैं। यहां मनोरंजन के लिए नौका विहार एवं बच्चों के लिए आधुनिक झूले, बाल क्रिड़ा केन्द्र (अप्पूघर) भी हैं। यहां श्रद्धालु अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराने आते हैं। भाद्रपद अमावस्या को यहां बड़ा मेला लगता है। अग्रवाल समाज इसे अपना पांचवां धाम मानता है।

बस स्टैंड के पास बने ओ.पी. जिन्दल पार्क के सामने स्थित गुजरी महल जो बारादरी के नाम से भी जानी जाती है, का एक अपना रोचक इतिहास है। ऐसी किवंदती है कि गुजरी महल सुलतान फिरोजशाह तुगलक ने अपनी प्रेयसी गुजरी के रहने के लिए बनाया था, जो हिसार की रहने वाली थी। महल की बनावट से लगता है सुल्तान ने गुजरी के ऐशो-आराम का खास ख्याल रखा था। गुजरी महल की चैड़ी मोटी दीवार, संकरा रास्ता तुगलक भवन निर्माण शैली की विशेषता को दर्शाता है।